जानिए टर्म लोन क्या हे, टर्म लोन क्या होता हे| Term Loan Meaning In Hindi

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ज्यादातर लोग term loan का मतलब क्या है. या term loan meaning in hindi  ढूंढते हैं. बहुत सारे लोगों के मन में आता है जिनको बैंक से लोन चाहिए होता है वह term लोन का मतलब क्या है वह ढूंढते हैं.  

term loan  इंफॉर्मेशन अंग्रेजी में है तो लोगों को इसकी जानकारी हिंदी में चाहिए होती है .उन लोगों के लिए हमने टर्म लोन मीनिंग इन हिंदी में हमने जानकारी लाई है.

 

 टर्म लोन एक ऐसा लोन है जो छोटी अवधि के लिए  मिलता है. या जिसे  चाहिए उसे छोटे अवधि दिया जाता है . टर्म लोन एक छोटे से अवधि यानी 12 से 60 महीने तक मिलता है. जिसमें उनका ब्याज दर एक निश्चित होता है ,या फ्लोटिंग रेट पर मिलता है.

 टर्म लोन  पर मिलने वाला लोन या रकम ज्यादा नहीं होता वह लोन के प्रकार पर निर्भर होता हे।  टर्म लोन के अनेक प्रकार हे जैसे पर्सनल लोन , होम रिपेयर लोन , व्हीकल लोन , गोल्ड लोन ये इसमें शामिल होते हे। 

 ज्यादातर टर्म लोन का इस्तेमाल कंपनीज और बिजनेस छोटे बिजनेस वाले करते हैं कई बार कंपनियां टर्म लोन लेती है उनको इसकी जरूरत होती हे। 

उपकरणों या कंपनी चलाने के लिए या, अचल संपत्ति खरीदने के लिए टर्म  लोन लेना पड़ता है. बैंक भी इन कंपनियों को टर्म लोन  देती है वह 1 साल से 25 साल तक भी लोन बैंक दे सकती है

टर्म लोन के कितने प्रकार होते हैं

  लोग टर्म लोन शॉर्ट पीरियड के लिए लेते हैं. टर्म लोन के जितने भी प्रकार होते हैं वह उनके जितने समय के लिए लिया है और कितना पैसा लिया है उसके अनुसार होता है. मुख्यता टाइम लोग के दो ही प्रकार होते हैं वह और वह दोनों ही प्रकार समय के अनुसार होते हैं.

 शॉर्ट टर्म लोन–  इसमें टर्म लोन 12 महीने से 18 महीने तक होता है। यह बहुत ही कम समय का लोड होता है।  जिसे जरूरी चीजों को पूरा करने के लिए लिया जाता है या जो।  इमरजेंसी के लिए लिया जाता है। 

 लॉन्ग टर्म लोन–  इस टर्म लोन  में समय ज्यादा से ज्यादा 84 महीने तक का होता है और इसका अमाउंट  भी बड़ा होता है।  जैसे कंस्ट्रक्शन का काम पूरा करना है ,बड़ी मशीनरी खरीदनी है ,या कोई दूसरा लोन चुकाने के लिए इस्तेमाल इसमें उनका करना है। 

what is term loan meaning in hindi

टर्न लोन का उद्देश्य क्या होता है

 टर्म लोन का  बिजनेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण उपयोग होता है. 

कंपनी अपने रोज मर्दा के खर्चों को चलाने के लिए कंपनी के विस्तार करने के लिए या अचल संपत्ति खरीदने के लिए और इमरजेंसी में इस्तेमाल होने वाले पैसे के लिए  टर्म लोन का का इस्तेमाल करती है।  

कंपनी मशीनरी कच्चा माल या संपत्ति खरीदने के लिए भी इसका इस्तेमाल करती है। 

टर्म लोन कैसे काम करता है

निश्चित EMI — 

EMI या  एक निश्चित की गई राशि को हर हफ्ते या हर महीने आपको बैंक में देना होगा। इसे ऋण चुकाने के लिए आपको बैंक एक फिक्स अमाउंट हर महीने आपके लोन कहते में भरने के लिए बताते हे।  

जब आप टर्म लोन  लेते हो तो आपको एक निश्चित राशि EMI  बैंक देती है उसी हिसाब से आपको इसे हर महीने में लोन रीपेमेंट पर ईएमआई  के रूप में में देना होता है

 निश्चित राशि–   टर्म लोन मैं आपको एक निश्चित राशि आपकी पात्रता के हिसाब से मिलेगी

  गिरवी रखने की  या collateral  की जरूरत होती है या नहीं –  टर्म लोन पर कॉलेटरल सिक्योरिटी लेना है या नहीं लेना एक कस्टमर पर डिपेंड होता है कस्टमर की क्या जरूरत है, उसकी क्या क्षमता है, ए टर्म लोन उसको देना उचित हो सकता है या नहीं। 

टर्म लोन में पर्सनल लोन बहुत ही  अन सिक्योर होता है।  इसके लिए बैंक ज्यादातर सैलेरी पर्सन को पर्सनल लोन जैसे टर्म लोन  देना पसंद करती है।  अगर कंपनी पहले डिफॉल्टर रही है टर्म लोन देने से पहले बैंक उसे कॉलेटरल सिक्योरिटी लेती है। 

 निश्चित समय –  टर्म लोन का निश्चित समय होता है जिसे जिसे अगर टर्म लोन लिया है तो 24 महीने का समय होता है तो आपको इसे 24 महीने में ही लौट आना होगा

लोन पर ब्याज-   ब्याजके दो प्रकार होते हैं फिक्स रेट और फ्लोटिंग रेट ऑफ इंटरेस्ट  ए दोनों भी  टर्म लोन  मैं उपलब्ध है।  

ग्राहक को इसमेसे लेना  होता है ,कि कौन सा ब्याज का प्रकार उनके हिसाब से ले अच्छा है और और ले सकते हैं। फिक्स रेट का ब्याज हमेशा फिक्स रहेगा और फ्लोटिंग रेट का ब्याज मार्केट के हिसाब से बदलता है। 

टर्म लोन के कागजात

 टर्म लोन लेने के लिए नीचे दिए गए कागजात आपको बैंक में देने पड़ते हैं और बैंक उनके लिए इसे डिमांड करती है

  •  केवाईसी जैसे आधार कार्ड पासपोर्ट पैन कार्ड रेशन कार्ड इलेक्शन कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस
  •  लोन एप्लीकेशन फॉर्म
  •  सैलरी स्लिप या form16 सैलरी 6 महीने पुरानी होनी चाहिए
  •  Cibil की रिपोर्ट 750 पॉइंट के ऊपर होना चाहिए
  •  बैंक स्टेटमेंट लास्ट 6  महीने का
  •  आइटीआर  फाइल
  •  बिजनेस का पता होने का प्रूफ

टर्न लोन किसे मिल सकता है

 टर्म लोन नीचे दिए गए क्राइटेरिया होते हैं अगर कोई भी कस्टमर उसे पूरा  करता है तो बैंक उसे टर्म लोन देती है

 उम्र-  टर्म लोन लेने के लिए उम्र कम से कम 18 साल और और ज्यादा से ज्यादा लोन बंद होने  तक होनी चाहिए 65 की उम्र तक होनी चाहिए।

रेपुटेशन-  टर्म लोन लेने के लिए एक महत्वपूर्ण होता है। कि आप लिकन कोई बैंक डिफाल्टर नहीं होना चाहिए।  उसकी हिस्ट्री अच्छी होनी चाहिए

 इनकम – टर्म लोन का जो भी  लेनाचाहता है वह उसका इनकम रेगुलर इनकम होना। चाहिए अगर उसकी इनकम रेगुलर नहीं है तो वह डिफॉल्ट होने की संभावना बनती है। इसलिए रेगुलर इनकम होना बहुत ही जरूरी होता है। 

 सिबिल स्कोर-   जो भी टीम लोन लेना चाहता है उसका सिबिल स्कोर 750 से ऊपर होना चाहिए।  सिबिल स्कोर का अच्छा होना बहुत ही जरूरी होता हे .

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टर्म लोन और पर्सनल लोन में डिफरेंस क्या है

लोन का समय —  टर्म लोन  मैं पैसा लौटाने का  टाइमऔर अमाउंट निश्चित  होती है और इसमें ब्याज और मुद्दल मिलाकर हमारे देते हैं पर्सनल लोन में फिक्स लोन की रकम एक साथ या शुरुआत में ही मिलती है यह बहुत ही आसान होता है

 लोन का इस्तेमाल  – टर्म लोन सामान्यतः कंपनी लेती है बिजनेस को चलाने मशीनरी खरीदने कैपिटल को लेकरटर्म लोन देती है। पर्सनल लोन एजुकेशन, शादी, हॉस्पिटल, के लिए पर्सनल लोन लिया जाता है। 

 ब्याज दर–  टर्म लोन में व्याज दर  फिक्स होता है।  अगर आपने चार लाख का लोन लिया है, और उसमें से एक लाख ही इस्तेमाल कर रहे हो तो बैंक उस पूरे 4 लाख व्याज लेगा। 

पर्सनल लोन में ऐसा नहीं होता जितना पैसा लिया है उस पर ही ब्याज लगता है। Emi पर्सनल लोन ईएमआई कम होता है टर्म लोन के कंपेयर मी

मिलने में आसानी–  पर्सनल लोन तुरंत मिल जाता है उसमें कोई दिक्कत नहीं होता। लेकिन टर्म लोन लेने में बहुत मुश्किल होता है। टर्म लोन  में बहुत सारे डॉक्यूमेंट देने पड़ते हैं और उसके  बड़ा प्रोसेस होता है। पर्सनल लोन आसानी से मिल जाता है।  जिनके बाद सैलरी अकाउंट है उनको तो बैंक आसानी से पर्सनल लोन देते हैं।  

 धन्यवाद दोस्तों हमारा TERM LOAN MEANING IN HINDI या टर्म लोन क्या हे ? आर्टिकल आपको अच्छा लगा तो शेयर कीजिए और नीचे दिए कमेंट बॉक्स में कमेंट कीजिए 

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